Monday, February 19, 2024
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Singrauli पीएम आवास में घोटाला : रोजगार सहायक ने कोटेदार भाई और भाभी को दिया पीएम आवास

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Singrauli: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर शक्स को रहने के लिए घर मिले लेकिन उनके इस सपने को सिंगरौली जिले में अधिकारी पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं अब जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत खतौली गांव में संचालित पीएम आवास योजना में जांच के बाद एक और खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि रोजगार सहायक प्रदीप मिश्रा ने अपने कोटेदार भाई अशोक मिश्रा व अपनी भाभी के नाम पर भी पीएम आवास स्वीकृत करा दिया है.

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बता दे कि रोजगार सहायक प्रदीप मिश्रा अपने कोटेदार भाई और भौजाई के नाम पर पीएम आवास स्वीकृत कराकर दोनों आवासों की रास 4 वर्षीय बेटे ओम मिश्रा के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई है रोजगार सहायक का यह कारनामा न केवल उसे मुश्किलों में डाल दिया है बल्कि पूरे परिवार को चपेट में ले रहा है. वहीं दूसरी तरफ जनपद पंचायत देवसर शिव अनुराग मोदी ने जिया वन थाना पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी मुहैया करा दी है. बताया यह भी जा रहा है कि निलंबित चल रहे दोनों सचिवों को भी घोटाले का जिम्मेदार मानते हुए एसडीओ अरुण चतुर्वेदी को भी इसके लिए जिम्मेदार माना है जिसके बाद से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है. Singrauli

एसडीओ को बचाने का निकाल रहे रास्ता !

बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत खतौली में केवल पीएम आवास योजना में ही घोटाला नहीं हुआ है बल्कि मनरेगा सहित तालाब निर्माण में भी पैसों की बंदरबांट हुई है. सूत्रों की मानें तो रोजगार सहायक ने बिना तालाब स्वीकृत कराए सभी किस्तों की राशि सास की खाते से निकाल ली है. वहीं मनरेगा फर्जीवाड़ा में एसडीओ की पूरी भूमिका नजर आ रही है. कहा यह भी जा रहा है कि अब अधिकारी एसडीओ को बचाने के लिए रास्ता निकाल रहे हैं. लेकिन हैरानी इस बात की है कि जांच जिस तरीके से चींटी की चाल की तरह चल रही है ऐसे में अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. Singrauli

बहाली के लिए नेताओं के चक्कर काट रहे सचिव

खतौली पीएम आवास योजना और तालाब घोटाले के मामले में आरोपित निलंबित दोनों पंचायत सचिव अब अपनी बहाली के लिए नेताओं के घर में माथा टेक रहे हैं दोनों भ्रष्ट सचिवों को बहाल कराने के लिए एक स्थानीय नेता ने जिम्मेदारी भी उठा ली है सूत्रों की माने तो उक्त भाजपा नेता ने इसके लिए दोनों सचिवों से बतौर रिश्वत 10-10 लाख रुपए ले भी लिए हैं. लेकिन मामला हाईलाइट होने के बाद अब फंसता नजर आ रहा है इसलिए तथाकथित नेता अब फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहे हैं.

रोजगार सहायक के घर की होगी कुर्की

विवेचना अधिकारी की मानें तो फरार चल रहे रोजगार सहायक के घर की कुर्की की कार्यवाही की प्रक्रिया अंतिम चरण में है आरोपी प्रदीप मिश्रा के नाम पर गिरफ्तारी वारंट न्यायालय में आवेदन लगाया गया है जैसे ही सभी आदेश न्यायालय से मिलते हैं तो कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी इसके अलावा इस मामले में जुड़े तीन बैंकों के अधिकारियों को भी जांच में सहयोग के लिए सूचित सूचना दे दी गई है. जांच में समय जरूर लग रहा है लेकिन कोई भी दोषी कर्मचारी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

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