Wednesday, February 1, 2023
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Singrauli News: न्याय नहीं मिलने पर बर्खास्त पटवारी अनशन पर बैठने की कलेक्टर से मांगी अनुमति

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Singrauli News The sacked patwari will go on hunger strike if justice is not served, seeks help from the collector

Singrauli News: उपखंड कार्यालय के सामने 14 नवंबर से शुरू होगा अनशन, अपील की सुनवाई न करने का लगा है आरोप

Singrauli News: सिंगरौली — जिले के देवसर तहसील अंतर्गत एक चर्चित बर्खास्त पटवारी का मामला गरमाया हुआ है।दरअसल आरोप लगाए जा रहे हैं कि पटवारी निर्दोष हैं उन्हें गलत आरोप लगाकर बर्खास्त किया गया है। तथा बर्खास्त करने के बाद पटवारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपील की गई थी जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच भी नहीं किए इसी वजह से पटवारी को आज तक न्याय नहीं मिल सका है.

जबकि यह मामला करीब 10 वर्ष पुराना है. अब तक पटवारी को न्याय मिल जाना चाहिए लेकिन विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली के चलते पटवारी न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उन्हें आज तक न्याय नहीं मिल पा रहा है. Singrauli News

मामले के संबंध में बताते हैं कि तहसील उपखंड एवं जिले के संगठित गिरोह द्वारा पटवारी हरिशंकर शुक्ला को जानबूझकर सेवा से पृथक कराया गया था ।बता दें कि उक्त मामले में तत्कालीन हल्का पटवारी राजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदार उपखंड अधिकारी एवं जिले के अधिकारी एवं कुछ विभागीय कर्मचारियों के द्वारा गलत आरोप लगाकर वर्ष 2010-11 में पटवारी को सेवा से पृथक किया गया है.

जबकि पटवारी का ट्रांसफर रिलीव हो जाने के बाद योजनाबद्ध तरीके से अधिकारियों/कर्मचारियों के द्वारा अपने आप को फंसता देख पटवारी को अकारण फंसा दिए। 10 वर्ष पूर्व उक्त मामले में जब नया मोड़ आया तो पता चला कि ग्राम कठदहा तत्कालीन तहसील देवसर के राजस्व खसरे में पदस्थापना के दौरान पटवारी के अभिरक्षा में रखे खसरे सुरक्षित थे,जिसको पटवारी द्वारा अभिलेखागार में जमा भी करा दिया गया था।इसके बावजूद भी मध्यप्रदेश शासन की भूमि के स्थान पर भूमि स्वामी स्वत्व खसरे में सफेद स्याही से मिटाकर पुनः मध्यप्रदेश शासन दर्ज कर झूठा आरोप लगाकर पटवारी को सेवा से पृथक कराया गया है. Singrauli News

सूत्रों से मिले साक्ष्य तो यह भी बताते हैं कि उस दरमियान उक्त अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा जिले के कलेक्टर कार्यालय में रखा राजस्व अभिलेख बंदोबस्त से पहले खतौनी 1958-59 एवं वर्ष 1981-82 से वर्ष 1984-86तक के राजस्व अभिलेखों में भी मध्यप्रदेश शासन की भूमि पर भूमि स्वामी लिखा गया है।इतना ही नहीं बल्कि उक्त अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा उपखंड कार्यालय देवसर में रखे कई विभिन्न राजस्व अभिलेखों में भी सफेद स्याही लगाकर विभिन्न फर्जी प्रविष्ठियां दर्ज कर कई अनैतिक लाभ लिया गया है. Singrauli News

उक्त अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा ग्राम कठदहा तत्कालीन तहसील देवसर के राजस्व रिकॉर्ड के साथ कई विभिन्न ग्रामों की मध्यप्रदेश शासन स्वत्व की भूमियों को बगैर किसी आदेश हवाला के ही दर्ज कर दिया गया है।

मजे की बात तो यह है कि उक्त मामले में संलिप्त अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा ग्राम कठदहा तत्कालीन तहसील देवसर में अपने साथियों के नाम करने के साथ-साथ ग्राम कर्री में भी अपने परिवार जनों के नाम भी मध्यप्रदेश शासन की भूमि का भूमि स्वामी स्वत्व प्रदान किया गया है. Singrauli News

यहां तक की संलिप्त उक्त मामले में अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा सफेद स्याही की प्रथा तहसील उपखंड एवं जिले के राजस्व अभिलेखों पर चलाकर कई ग्रामों की भूमि एवं विभिन्न आदेशों में सफेद स्याही का प्रयोग करते हुए कई नामों का फेर-बदल किया गया है।वहीं बर्खास्त निर्दोष पटवारी के साथ न्यायोचित कार्यवाही नही की गई जिस वजह से पीड़ित पटवारी न्याय व्यवस्था से असंतुष्ट होकर 14 नवंबर से उपखंड कार्यालय देवसर के सामने अनशन  शुरू करेंगे. Singrauli News

अपील पर सुनवाई न करने का लगा है आरोप

इस पूरे मामले में पटवारी ने आरोप लगाया है कि बर्खास्त होने के बाद उन्होंने वरिष्ठ न्यायालय कलेक्टर के समक्ष अपील की थी जिस पर कोई सुनवाई नहीं की गई , प्रकरण क्रमांक 25/अपील 2011-12 एवं विभिन्न प्रमाणित दस्तावेजों के साथ कई वरिष्ठ कार्यालयों में जांच हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद भी न तो उक्त अपील प्रकरण पर  कोई कार्यवाही की गई और ना ही विभिन्न कार्यालयों में दिए गए शिकायती आवेदनों पर कोई जांच की गई. Singrauli News

आरोप लगाए जा रहे हैं कि अपील की सुनवाई इसलिए नहीं की गई क्योंकि सुनवाई की जाती तो सुनवाई से पूर्व जांच की जाती है और जांच होती तो विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी जांच की चपेट में आ जाते हैं और उन पर कार्यवाही हो जाती इसलिए सिर्फ पटवारी को बलि का बकरा बनाया गया है. Singrauli News

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