Wednesday, February 1, 2023
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Singrauli: मन चिंतित हो और भटका हो तो घूम ले मध्य प्रदेश का सिंघी वाटर फाल, अद्‌भुत व रमणीय स्थान दूर हो जाएगी टेंशन

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Singhi water coming out of the river Belan in Chitrangi Bagdara Sanctuary area of Madhya Pradesh is beautiful to see

Singrauli: सिंगरौली। मध्य प्रदेश(mp) के सिंगरौली(Singrauli) जिले के विकास खण्ड चितरंगी बगदरा अभ्यारण्य क्षेत्र में बेलन नदी(belan nadi) के धार से निकला सिंघी वाटर फाल(singhi water fall) का अद्वभुत व रमणीय स्थान(amazing and beautiful place) घुमने के बाद कायल हो जायेंगे। मन चिंतित हो और भटका हो तो घुमने के बाद मन में शान्ति व सुकुन के पल मिलते है। लेकिन इस स्थान को विकसित करने के लिये बगदरा अभ्यारण्य विभाग(Bagdara Sanctuary Department) अभी तक नाकाम दिखाई दे रहा है.

Singrauli: प्रदेश सरकार अगर पहल करे तो सिंघी वाटर फाल(singhi water fall) एक सुन्दर मनमोहक पर्यटक बन सकता है। इसकी पहल करने में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि(public representatives) भी उदासीनता बरत रहे।
     

गौरतलब हो कि जिले के विधानसभा क्षेत्र चितरंगी के बगदरा अभ्यारण्य की अपनी एक अलग पहचान है। बगदरा में काला मृग व नील गाय शुमार है। कहने को तो बगदरा अभ्यारण्य है लेकिन वर्तमान भौगोलिक स्थिति पर नजर दौड़ायें तो धीरे-धीरे बिलुप्त होते नजर आ रहे है। उसकी सबसे बड़ी वजह यह बतायी जा रही है कि बगदरा अभ्यारण्य विभाग वनो की सुरक्षा के साथ-साथ जानवरो की देखरेख में अपनी महती भूमिका नही निभा पा रहा है. Singrauli

यही कारण है बगदरा अभ्यारण्य की जो छटा है पह धीरे-धीरे बिलुप्त हो रहा है। इसी बगदरा अभ्यारण्य क्षेत्र में एक ऐसा रमणीय स्थल है की इस नजारे को अगर देख ले तो मन प्रफुल्लित हो जाता है। बताया जाता है कि बगदरा अभ्यारण्य में कई ऐसे स्थान है जो पर्यटन की दृश्य से देखा जाये तो बेहद ही अद्भुत है। जिसमे से एक सिंघी वाटर फाल बगदरा है। यहा पहाड़ से जो कल कल धारा निकल रही है उस विहंगम दृश्य को देख मन प्रफुल्लित हो जाता है। इस रमणीय स्थान को अभ्यारण्य विभाग नजर अंदाज कर रहा है। अगर अभ्यारण्य विभाग व क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अपनी सक्रियता दिखायें तो सिंघी वाटर फाल एक बेहद पर्यटक स्थल बन सकता है. Singrauli

कैमोर के रानी माची से बेलन नदी का मिलाप
क्षेत्र के बुद्धजीवी बताते है कि सिंघी वाटर फाल कहा से निकला है और इसका क्या राज है। बताते हुये कहा कि कैमोर रानी माची से चलकर बेलन नदी में समा जाती है और यह कब समाती है जब सिंघी वाटर फाल से गुजरती है। सिंघी वाटर फाल का झरने की आवाज सुनकर यह मनोरम दृश्य अभ्यारण्य क्षेत्र में चार चांद लगा देता है। इसकी कल कल की आवाज इस कदर गुजती है कि मन अगर चिंतित हो और भटका हुआ हो तो एकाग्रपन आ जाता है। सिंघी वाटर फाल के अलावा यहा पर मढिया बाबा व सेमरा बाबा का भी प्रसिद्ध स्थान जहां लोग रोज पिकनिक मनाने व दर्शन करने आते है। बताया जाता है कि रविवार के दिन यहा पर काफी भीड़ देखने को मिलती है. Singrauli

उदासीन बने है जनप्रतिनिधि व अभ्यारण्य

बतादे कि चितरंगी क्षेत्र का यह बिहंगम दृश्य का हर कोई कायल है जो एक बार गया तो हर बार जाने के लिये उत्सुक रहता है। अगर इस स्थान को पर्यटक की दृश्य से देखे तो बेहद खुशनुमा जगह है लेकिन चितरंगी में कई जनप्रतिनिधि आये और 5 वर्ष बिताये चले गये। क्षेत्र के विकास के बारे में कभी नजर उठा कर देखा नही। जबकि अगर जनप्रतिनिधि ध्यान दिये होते और देते तो आज सिंघी वाटर फाल पर्यटक स्थल बन गया होता। लेकिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व बगदरा अभ्यारण्य विभाग की निष्क्रियता की वजह से आज अपनी छटा नही बिखेर पा रहा है. Singrauli

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