Wednesday, February 1, 2023
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Singrauli News: मध्य प्रदेश का नवानगर थाना कोयला से फिजा में घुलवा रहा जहर, बढ़ रहा कैंसर का खतरा!

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Singrauli News: शहर के अधिकांश स्थानों पर खाना पकाने के लिए ईंधन के रूप में कोयले का उपयोग हो रहा है। पहले से ही प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे सिंगरौली शहर में कोयले से जलने वाली सिगड़ी एक बड़ी समस्या बन गई है, जिससे शहर की फिजा में जहर घुल रहा है और प्रदूषण कम होने की जगह बढ़ रहा है।

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Singrauli News: सिंगरौली. सांस सभी लेते हैं लेकिन इस पर ध्यान किसी का नहीं जा रहा जी हां मध्य प्रदेश का ऊर्जाधानी के नाम से विख्यात सिंगरौली की फिजा में कोयला का धुआ लोगों की मुसीबतों को बढ़ा रहा है नवानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत निगाही खदान से कोयले की चोरी बदस्तूर जारी है.नतीजा चोरी हुए कोयले से मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में सिगड़ी भट्टी के धुए से लोगों का दम घुट रहा है. कोयले की इस प्रदूषण के पीछे सिर्फ और सिर्फ नवानगर पुलिस जिम्मेदार है इस ओर एसपी की नजर अब तक नहीं पहुंची है.

बता दे कि बैंढ़न शहर के कलेक्ट्रेट से चंद कदमों की दूरी बिंलौजी,माजन मोड़ में खूब सिंगडी जलती है,नवानगर, निगाहीं, एनसीएल नेहरू , जयंत, दुद्धीचुआ में कमोबेश यही स्थिति है। वार्ड 42 शहर का हृदय स्थल है जबकि एनसीएल के परियोजना अधिकारी सहित पुलिस के थाना प्रभारी से लेकर आरक्षक तक सब यही जहर रूपी हवा ले रहे हैं. यहां लोग चोरी के कोयले से खाना पकाने और अधिकांश लोग ठंड में सिगड़ी जलाते हैं। यही नहीं खर्च बचाने के लिए कई चाय संचालक भी कोयला जलाते है।

जिम्मेदार इसी रास्ते से निकलते हैं

सिगड़ी जलाने के दौरान गहरा सफेद व काला धुआं निकलता है। धुआं फैलने के बाद ऐसा लगता है कि जैसे पूरा शहर कोहरे में ढंक गया हो। हालात यह है कि आसपास के लोगों को सांस लेने में भी समस्या होती है जबकि इन्हीं रास्तों से सुबह-शाम कलेक्टर एसपी से लेकर कई जिम्मेदार अधिकारियों का आना जाना होता है. लेकिन इस पर ध्यान कोई नहीं दे रहा जबकि सांस सब लेते हैं. Singrauli News

सांस सभी ले रहे ध्यान कोई नहीं दे रहा

बता दें कि सुबह और शाम जब सिंगड़ी की भट्टी जल जाती है तो सड़क पर वाहनों की लाइट भी धीमी पड़ जाती है. शाम के समय स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है। यही नहीं इस दौरान सांस लेने में भी लोगों को परेशानी होती है। शाम करीब छह बजे से देर रात तक सड़कों पर धुआं के कारण निकलना मुश्किल रहता है। साथ ही लोगों के घर में इतना ज्यादा धुआं भर जाता है कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। यदि नपा अधिकारियों द्वारा इस ओर कार्रवाई की जाए तो कुछ हद तक रोक लग सकती है. Singrauli News

चोरी के कोयला से बन रही स्थिति

शहर में जहां भी सिगड़ी में कोयला जलाया जा रहा है उसमें से एक तिहाई कोयला निगाहीं खदान से चोरी कर बाजार में बिकने वाला होता है। खदान क्षेत्र से कोयला चोर शहर में चोरी का कोयला बेचते है, जिसे लोग कम दामों पर खरीदकर जला रहे हैं। जिसके बाद शहर में जगह-जगह कोयले का धुआं लोगों की जान का दुश्मन बना हुआ है। स्वांस रोगियों के लिए यह धुआं सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। क्योंकि इस धुएं से उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है. Singrauli News

पुलिस की सरपरस्ती से भट्टी से चल रहे होटल

नवानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कई ऐसे होटल और दुकाने हैं जहां कोयले का उपयोग करके भट्टी जलाई जा रही है यह सब नगर निगम और पुलिस की सरपरस्ती में चल रहा है सूत्र बताते हैं कि यह होटल संचालक पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों में फ्री की चाय और नाश्ते के दम पर इन्हें खुली छूट दे रखी है. बताते हैं भी है कि नवानगर पुलिस इन होटल संचालकों से महीना भी ले रहे हैं यही वजह है कि सुबह शाम जल रही सिंगड़ी भट्टी आम लोगों को तो दिखती है लेकिन पुलिस और न पानी के अधिकारियों को नहीं. Singrauli News

हो सकता है फेफड़ों का कैंसर

कोयले के धुएं से लगातार संपर्क में रहने से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है, जिससे मौत भी हो सकती है। इतना ही नहीं स्वांस संबंधी रोग भी कोयले के धुएं से हो सकते हैं, इसलिए कोशिश करना चाहिए कि जहां तक हो सके पत्थर के कोयले से सिगड़ी नहीं जलाई जाए।

डॉ. शिशिर मिश्रा, सीधी 

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