Wednesday, February 1, 2023
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Shivpuri के रंगीन मिजाज DEO का ऑडियो वायरल! बोले- मेरी प्यारी चंदा चलो लॉन्ग ड्राइव में, हो गए सस्पेंड

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शिवपुरी जिले के शिक्षा अधिकारी संजय श्रीवास्तव का अशोभनीय ऑडियो वायरल वायरल होने के बाद उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया गया इसे लेकर लोक शिक्षण संचालनालय से आदेश जारी कर दिया है. हालांकि अतरंगी न्यूज़ वायरल ऑडियो कि पुष्टि नहीं करता है.

जिला शिक्षा अधिकारी का ऑडियो वायरल मेरी प्यारी चंदा तुम को घुमा के लाता हूं

संजय श्रीवास्तव: तुमने मना तो कर दिया हमने प्रपोजल भेज तो दिया तुमको मैडम साहिबा

चंदा महिला शिक्षक: हां क्या प्रपोजल भेज दिया

महिला शिक्षक : जिसकी जानत है करवा दिया हमने भेज दिया कलेक्टर ऑफिस में

संजय श्रीवास्तव : तुमको क्या हुआ तुम तो सुबह कह रही थी ठीक थी तो

चंदा महिला शिक्षक: मैंने सोचा कि यहां हो जाता तो ठीक होता

संजय श्रीवास्तव संजय: अरे यार चंदा तुम्हारे बिना हमारा कोई नहीं हमरा बिना और इसके बाद तुम सो सो के जगती हो गाने तो आते हैं निर्गुण प्यारे बड़े अच्छे अच्छे शब्द बने हैं

संजय श्रीवास्तव: कि तुमने धर्मेंद्र से पूछा कि करा लें

चंदा : और फिर सर मैंने भी सोचा कि लोकल में हो जाए तो ठीक है

संजय श्रीवास्तव: देखते हैं यार फिर तुम ऑनलाइन करो

चंदा: तो आप सर उसमें कुछ करेंगे

संजय श्रीवास्तव: अरे यार नंबर दो मैं कर दूंगा सोशल स्टडी का

चंदा: सर वह तो हम कर देंगे सर आप जो लिस्ट भेजे है उसमें

संजय श्रीवास्तव : वह जो करेंगे वह तो निकल गई आशिक

चंदा: अरे यार

संजय श्रीवास्तव:अरे यार तुमको इतने प्यार से बुलाया था डांडिया खेलने तुमने एक भी फोटो नहीं डाला उस ग्रुप में

चंदा: कौन से ग्रुप में

संजय श्रीवास्तव: अरे तुम व्हाट्सएप नहीं मेरे को सेंड कर देते देखो उसमें कितना अच्छा डांस कर रही हो

चंदा: अरे सर आता ही नहीं है तो कैसे कर देते
संजय श्रीवास्तव: अरे जैसा आता है बढ़िया सा है फोटो भी बहुत अच्छा आता है तुम भी अच्छी हो अरे कल का गलत है एक आद दो लेकिन मेरे से डिलीट हो गया बटन दबाया तो फेसबुक पर डाल आया था शायद

चंदा : अरे सर मैं नहीं डालती फेसबुक पर व्हाट्सएप स्टेटस रहा होगा

संजय श्रीवास्तव : हां हां व्हाट्सएप स्टेटस नहीं देखा था

चंदा : सर मुझे बोर्ड ट्रांसफर लेना था
संजय श्रीवास्तव: लेना था लेना था चलो एक कोशिश और करते हैं: अरे यार चंदा तुम मामा हो अरे तो तुम सो सो के क्यों जाती हो भाई साहब

चंदा : सर आप कोशिश कीजिए सर क्रमांक दो मैं हो जाए तो

संजय श्रीवास्तव: तो आप ऑनलाइन तो कर ही देना आज पोर्टल खुला है आप सेंटर पर जाकर कर दूंगा

चंदा: सर और थोड़ा सा टाइम लूंगी आपका सर और कही जगह हो तो बताइएगा

संजय श्रीवास्तव: कहां पर मैम

चंदा : मतलब कि क्रमांक 2 में और भी कहीं जगह हो तो बताइएगा

संजय श्रीवास्तव: हां हो सकता है ना यार क्यों नहीं हो सकता

चंदा: चलिए ठीक है सर तो कर दीजिएगा ना सर ठीक है ना सर हां मैं ऑनलाइन कर दे रही हूं ठीक है ना

संजय श्रीवास्तव: हां और धर्मेंद्र कहां है

चंदा: वह तो सर विद्यालय पर है मैं भी विद्यालय पर हूं

संजय श्रीवास्तव: बिल्लू गल्ला करके साहब ने बुलाया तो ऐसे शर्म रहती है यार

चंदा: अरे सर तो टाइम ही नहीं मिलता है सर ऐसे कैसे काम छोड़कर आऊ पढ़ आओगे नहीं तो बच्चे फेल हो जाएंगे

संजय श्रीवास्तव: इतनी व्यस्त चल रही है

चंदा: हा तो सर पढ़ाई तो करवानी पड़ेगी नहीं तो बच्चे फेल हो जाएंगे

संजय श्रीवास्तव : उस दिन भी आए थे तो तेरे चेहरे पर उदासी मायूसी थी घबराई हुई सी तो मेरी भी हिम्मत नहीं पड़ी तुझे बिठाने के लिए

चंदा: हां तो सच 4:00 बजे निकले तो थक नहीं जाएंगे यह बताओ

संजय श्रीवास्तव: तेरे माइक्रोफोन भी बहुत स्मार्ट है तुझे अर्जी देते रहते हैं

चंदा:कौन सा माइक्रोफोन

संजय श्रीवास्तव: एनिमल सेल में एक माइक्रोफोन होता है जो खाना खाने में एनर्जी घटती रहती है जिसे शरीर का पावर हाउस होते हैं पता है कि नहीं

चंदा :हां पता है सब पता है

संजय श्रीवास्तव: तो तुम माइक्रोफोन नहीं है नहीं समझ पाई

चंदा: चलिए भूल गए सर 10th के पड़ा है विज्ञान अब भूल गई हैं अब सोशल साइंस पढ़ाती हूं

संजय श्रीवास्तव :अब ना तुम सब भूल जा रही हो तुम ट्यूबलाइट हो तुम्हारी ना नई संज्ञा चंदा भी अब ट्यूबलाइट हो गई मैं पहले चंदा थे अब tubelight

चंदा: चलिए सर आप ठीक है आपने जो संज्ञा दे दी वही ठीक है

संजय श्रीवास्तव :नहीं मैं तो मजाक कर रहा था मैंने तुमसे कहा था ना मैंने तुम्हें फ्रेंड बनाया है ना आप एक इकलौती हो जिससे मैं बात करता हूं मैं किसी से जल्दी फोन पर बात नहीं करता होनर फोन ही नहीं लगाता मैं देख लेता हूं किससे बात करनी जरूरी है कई तरह की लेडीस होते हैं जो मुझे पसंद करती है जम्मू से बात करना चाहती हैं कॉल करती है लेकिन हम तो उनका फोन ही नहीं उठाते हैं सुनो क्या चंदा

चंदा: हां सर

संजय श्रीवास्तव संजय: आओ आ जाओ घर पर चाय पी लो

चंदा: अरे नहीं सर मैं चाय तो पीती नहीं हूं

संजय श्रीवास्तव: अच्छा ठीक है मैं तुम्हें कॉफी पिला लूंगा

चंदा:हम कॉपी भी नहीं पीते सर

संजय श्रीवास्तव: ठीक है कोल्ड ड्रिंक पिला देंगे

चंदा: हम कुछ नहीं पीते हम बस दाल रोटी खाते हैं

संजय श्रीवास्तव:अरे दाल रोटी करवा देंगे यार चलो आ जाओ

चंदा: सर आप ट्रांसफर का बताइए सर

संजय श्रीवास्तव: हां; अपनी बात हुई है यार अब देखते हैं आप अच्छा दाल कौन से खाती हो

चंदा: अरे सर कोई सी भी खाते हैं पांचों में से कोई भी

संजय श्रीवास्तव: ताजा मिलाकर बना देता हूं

चंदा : अच्छा ठीक है

संजय श्रीवास्तव:अच्छा मैं तुम्हें कहीं घरवाली आता हूं

चंदा:अरे नहीं सर हम नहीं जा सकते

संजय श्रीवास्तव:अरे चलो तो बहुत अच्छी जगह ले जाएंगे

चंदा :अरे नहीं सर

संजय श्रीवास्तव:अरे पूछो तो कहां है

चंदा :अरे हमें जाना ही नहीं है चाहे कहीं भी ले जाएं

संजय श्रीवास्तव: अरे पूछो तो पितांबरा माई

चंदा : हां वह सर हम वो आए 1 दिन

संजय श्रीवास्तव: हां हम तो जाते हैं ना हम भी होकर आए थे उस दिन परसों शनिवार को जाने का प्रयास करते हैं अक्सर

चंदा: हां शनिवार को बहुत लोग जाते हैं

संजय श्रीवास्तव: हमारे साथ चलोगे तो पता लगेगा कि दर्शन कैसे होते हैं तुम अभी दर्शन करके आ जाओगे तुम्हें पता नहीं लगेगा कि दर्शन कैसे होता है

चंदा :अरे अधीन मां के दर्शन कहीं से भी हो जाए बस

संजय श्रीवास्तव:नहीं ऐसे नहीं आरती के समय दर्शन कराएंगे हम

चंदा:अच्छा अच्छा

संजय श्रीवास्तव :और दूसरी बात तो तुम मां के दर्शन के बाहर खिड़की से दर्शन करके आ गई होगी

चंदा :हां हम तो हमेशा ही खिड़की से दर्शन करके आते हैं अब इतना टाइम थोड़ी है

संजय श्रीवास्तव : हाथों में कह रहे थे कि फ्रेंड हो तो हमारे साथ चलो हम बताएंगे कि दर्शन कैसे होते हैं तुम हमें पहचान नहीं पाओगे सुनो चंदा

चंदा : हा

संजय श्रीवास्तव:तुम हमें मंदिर में देख लोगी तो हमें पहचान ही नहीं पाओगी हम तो साधु के भेष में जाते हैं वहां

चंदा:अच्छा जी

चंदा :चलिए सर हम विथ फैमिली चलेंगे हां ठीक है चलिए ना

संजय श्रीवास्तव: हां विद फैमिली चलो ना कौन मना कर रहा है

चंदा: हां तो ठीक है अब बताइएगा सर अब बना देना प्रोग्राम

संजय श्रीवास्तव: हम जाते हैं वहां पीली धोती, पीला कुर्ता, पीला तिलक लगाते हो सब हमारी जान पहचान के हैं हम 3 साल रहे हैं ना वहां दतिया में पाने को कोई मना नहीं करता तो आने को कोई मना नहीं करता

चंदा: तो ठीक है चलेंगे सर

संजय श्रीवास्तव: हां हां चलना है यार हम सबको ऑफर नहीं देते हैं

चंदा: अरे सर ऐसी बात नहीं है

संजय श्रीवास्तव: और क्या हाल है चंदा बच्चा नहीं आई बच्चा नहीं आई

चंदा :नहीं सर बेटी तो नहीं है बेटी तो इनके साथ जाती है कभी नहीं आती हूं मैं अपने साथ

संजय श्रीवास्तव: नहीं तुम कहती हो ना तुम ……… जाती हूं मैं जातियों में

संजय श्रीवास्तव: तो अब कैसे आएगा वह तो स्कूल हो

चंदा: हां उसका तो आज एग्जाम था ना तो हम उसको तो 11:00 बजे छोड़ा है घर

संजय श्रीवास्तव:अच्छा अच्छा अच्छा बच्ची अभी तो उसी मॉडल में पढ़ती होगी

चंदा : सर बच्चे तो अभी छोटी 4 साल की होने वाली है अभी से 3 साल की है

स्कूल नहीं जाती है अपने साथ चंदा : अभी उनके साथी जाति स्कूल में इसीलिए तो सोच रहे थे कि हम लोकल में

संजय श्रीवास्तव : अरे यार हम ले देकर अपनी फ्रेंड को ही प्रपोजल दिए ट्रांसफर का उसने मना कर दिया तुम्हें क्या करता है यार फिर भी मैं कोशिश करता हूं तुम्हारी और कल रात में मंत्री जी का फोन आया तो मै एक ……..

चंदा : सर एक बार और कोशिश कर लो प्लीज

संजय श्रीवास्तव:अरे यार एक बात बता तू इतनी इंटेलिजेंट है इतनी स्मार्ट है तेरे समझ में यह बुद्धि के बल्ब जला क्यों नहीं

चंदा : आरे तो मेरा ध्यान कहीं और था उस समय

संजय श्रीवास्तव: तेरा दिमाग में कहीं और रहता है कहां लगा था भैया तेरा दिमाग जरा हमें भी तो बता दे

चंदा: सर उस टाइम पर महिलाएं कुछ कुछ कह रही थी मैंने अचानक कॉल देखा फिर आपके लिए कॉल किया तो मेरा ध्यान दूसरी जगह था

संजय श्रीवास्तव: अच्छा डांडिया में था

चंदा: हा

संजय श्रीवास्तव: डांडिया नेचर मरवा दिया तुमको एक अपॉर्चुनिटी मिस हो गए 30 तारीख थी कल लॉक करवानी थी

चंदा: लॉक भी हो गया सर

संजय श्रीवास्तव: हां कुछ सिस्टम पर मंत्री जी का अलग चलता है ना जनता का अलग चलता है तीन-चार सिस्टम है आजकल

चंदा: सर प्लीज एक बार एक बार फिर से कोशिश कीजिए

संजय श्रीवास्तव: अरे मेरी प्यारी चंदा मैं तेरे लिए खुद फोन करा था तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हैं मैं कहा कि मैं इसकी मदद करो मैं सहेलीबनाता हूं तो दिल से बनाता हूं नहीं तो बनाता ही नहीं हूं यार सुन ली कि नहीं मेरा डायलॉग मैंने कहा कि मैं इसकी मदद कर दो तूने तो कहा कि मेरा मूड नहीं है मैं बहुत अच्छी मैं बहुत …… उस टाइम हो गया हो गया हो गया कह रही है भाई सही कह रही हैं

चंदा : हां सॉरी सर

संजय श्रीवास्तव: क्या इस तरह स्कूल से इतना दूर जाना बच जाता तेरा जाना तेरा पास में होती तो बच्चे को खाना खिलाया स्कूल पहुंचाई फिर आ गई सारा काम करती फिर आ गई

चंदा: हां इसीलिए तो सर बोल रही हूं पास में बेटी को मैं स्कूल से ही रिसीव कर लेती घर में तो कोई है ही नहीं सर एक बार आपसे फिर हाथ जोड़कर विनती है

संजय श्रीवास्तव: अरे तू मियां बीवी दोनों पढ़ाई स्कूल में पढ़ा सकते ट्यूशन भी पढ़ा सकते हो

चंदा: नरेश स्टेशन से न तो कितना ऑब्जेक्शन होता है आप जान सकते हैं

संजय श्रीवास्तव: अरे तो पड़ा मेरे होते हुए देखता हूं क्या होता है कोई इधर जा रहा है तो कोई उधर जा रहा है

चंदा: सर आप प्लीज कोशिश कीजिए एक बार सर

Sanjay shrivtastav: मैं तेरे से कुछ छुपाता हूं क्या चंदा यार मैं कोशिश कर रहा हूं चंदा सुन मेरी बात मेरा दिल बिल्कुल साफ रहता है ना तुम्हें टेंशन लेता हूं ना तो मैं देता हूं और दूसरा में जब बात करनी होती मैं स्पष्ट करता हूं मैं घुमा कर बात नहीं करता जाने कि मुझ में वह आदत है ही नहीं कई लोग होते हैं ना भूमिका निभाते हैं मैं तो सीधी बात करता हूं

चंदा: नहीं सर वह सही होता है

संजय श्रीवास्तव:आजकल तो यकीन नहीं करता है यार इसलिए मैं तुमसे पूछा कि कोई रिक्वायरमेंट नहीं पड़ी है तो करेगी कि नहीं वह सारी रिक्वायरमेंट मेरे हाथ में थी 6:00 बजे रात के 7:00 बजे तक मेरा पूरा एंड कर दिया था उसको पूरा बाबू की ट्रांसफर चपरासियों के ट्रांसफर मैंने ही की है तेरे को बता रहा है यह बात किसी से बोलना नहीं मैं तो बहुत गोपनीय है इतनी गोपनीय बातें मैं किसी को बताता नहीं हूं वह भी अभी तक कोई बात नहीं बताता तेरे को बता रहा हूं

चंदा: अरे नहीं सर नहीं बताऊंगी समझ रही हूं

संजय श्रीवास्तव :तेरे को बता रहा हूं बस थोड़ा विश्वास बना कर रखना है ठीक है चंदा बात लिख करने से कुछ नहीं होगा बस बात का बतंगड़ होगा नहीं बता चंदा मैं गलत तो नहीं कह रहा हूं ना

चंदा:अरे नहीं सर आप सही बता रहे हैं सर सभी तरह के लोग होते हैं

संजय श्रीवास्तव : अरे चंदा किसी से बोलना नहीं हमारे तुम्हारे बारे में नहीं तो यहां पर कई तरह के लोग होते हैं बोलने लगेंगे अरे उसका क्या रिलेशन के साथ उसको क्यों कॉल करते हैं फिर बात करते हैं इसलिए सीधा बोल देना किसका फोन है फ्रेंड का है बात खतम

चंदा : जी हां सर सही बोल रहे हैं

संजय श्रीवास्तव : हां ठीक है ओके बाय जिंदा टेक केयर

चंदा : ओके बाय सर

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